बुधवार, 5 जुलाई 2017

----- मिनिस्टर राजू १८६ -----

राजू ! पता है डाकू जब डाका डाल लेते है तब सबसे पहले बन्दुक बिसाते है फिर घोड़े.....

राजू : -- मास्टर जी हमारे लिये.....?

" धत अपने दल के लिए, हमारे लिए तो वो गोली बिसाते हैं.....,

राजू : -- वोई मैं कहूं घोटाले की दुर्गंध किधर से आ रही है.....,

" आती है, आती है, रक्षा के पण ठानने आती है..... 

----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...