रविवार, 31 जनवरी 2016

----- मिनिस्टर राजू १८१ -----

राजू : -- मास्टर जी ! मेरी माँ प्राइम मिनिस्टर की माँ से भी गरीब है..,

" इस प्राइम मिनिस्टर जैसे बिगड़े हुवे ऐय्याश बेटे दस लाख की सूट तन से लगाते हैं और मिनटों में फेंक देते हैं
आड़ी टेडी गाड़िया पलक पावड़े बिछाई रहती हैं ये बिमान में सीडी लगा आसमान में हाथ हिलाते दिखते हैं और इनकी माँ गरीब की गरीब रहती है..,

राजू : - हाँ  जो अपने धन का सम्मान करते हैं न दुसरों के ऐसे ऐय्याश बेटों के कारण ही भारत की माएँ गरीब रहती हैं मास्टर जी ! में वैसा नहीं हूँ


 मैं इन मंत्रियों को पेंशन भी नहीं दूँगा.....खाट में सड़ेंगे ही फिर जेल की क्या आवश्यकता.....

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