बुधवार, 23 दिसंबर 2015

----- मिनिस्टर राजू १८० -----

" राजू !!! सत्ता से अधिक मंत्री का प्रिय होना कोई नया फैसन है क्या..... ? " 

राजू : - न न मास्टर जी ! ऎसे ऐसे फेसन पंजे ने घणैइ किए हैं..... 


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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

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