रविवार, 28 जून 2015

----- मिनिस्टर राजू १६९ -----

राजू : -- मास्टर जी ! मास्टर जी !! वो जो प्रधान मंत्री के सिंहासन पर बैठा है वो प्रधानमंत्री नहीं है..,

" अपन कौन से महात्मा है "

राजू : --  मास्टर जी ! क्या कहते हो तो दो चार धर दें.....? 

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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...