मंगलवार, 2 जून 2015

----- मिनिस्टर राजू १६८ -----

राजू : --मास्टर जी ! क्या कर रहे हो.....?

" किस्तियाँ गिण रहा हूँ"

राजू :--मास्टर जी ! किन्तु यहाँ समंदर कहीं नहीं है.....?

" किश्तियाँ नहीं किस्तियाँ गिण रहा हूँ "
राजू : -- ओह ! ये महगाई का तूफ़ान उसपर घर की किस्तियाँ !

" तुम क्या कर रहे हो ? "

राजू : - मास्टर जी ! सफाई सीख रहा हूँ. .,

" ओह !  पहले तुझे सफाई थोड़े ही आती थी उन पांच सालों  में भी नहीं आई 

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