मंगलवार, 21 अप्रैल 2015

----- मिनिस्टर राजू १६७ -----

राजू :--मास्टर जी! यो प्रधाण मंतरी बी कैंया आड्डो - टेड्डो चाल्ल ह,बिका दिल्ली तैं गुजरात जाणो हो तो यो जर्मनी हो के जावै.....

"आड्डी-टेड्डी गाड्डी में आड़डॉ-टेड्डो ही चालोगो सिद्धो थोड़े चालोगो....."

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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...