शुक्रवार, 6 मार्च 2015

----- मिनिस्टर राजू १६३ ----

राजू : - मास्टर जी! आप होली नहीं खेले..?

'नहीं'
राजू : -- क्यों मासटर जी !

'मेरे पास पुराने कपडे नहीं थे.....'

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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...