रविवार, 15 मार्च 2015

-----॥ पृच्छा-परीक्षा ३ ॥ -----

>> हस्त सिद्धि को गिनते ये सेना आपस में ही लड़ती रही । वहां पड़ोसी निरंतर सीमा पार करते कश्मीर में बसते भारत के  वाशिंदे हो गए । अब वे हमारे अधिकार को अपना किए हैं । 

 कितने सुरक्षित है हम.....? 
>> सीमा का उल्ल्ंघन  करने वाले घुसपैठियों के लिए भी परमाणु गोले चाहिए, जो एक हुंकार से भाग जाएं । एक गृहस्थ को चौकीदारी  में कितना धन व्यय करना चाहिए..... 

>>  एक हस्ताक्षर  करने के लिए भी शासन को बैमान चाहिए । कितना राजस्व व्यय होता है इस शासन पर ? और कितना होना चाहिए..... ? 

>> भारत के निम्न व् निम्नतम वर्ग की औसत आय कितनी है.....और क्यों है.....?

>> यहां उच्च कोटि का लौहा चालीस रुपया किलो और मध्यम कोटि का चावल पचपन रुपय किलो मिल रहा है क्यों ? जनसाधारण लोहा चबाएगा क्या.....? बिजली पहनेगा क्या.....? गाड़ियों में रहेगा क्या.....? 

>> जीवन की रक्षा के लिए जीव-जगत को जितने भोजन की आवश्यक है देश की दशा कह रही उतना भोजन तो नहीं है..... यदि नहीं है तो शासन क्या कर रहा है.... ? है कहाँ वो.....?

>>  पाठशालाओं में मध्यान भोजन मिलेगा । यह योजना यह सिद्ध करती है कि अपने  नौनिहालों की क्षुधा शांत करने के लिए पालकों के पास एक समय का भोजन भी नहीं है,  भारत का बचपन भूखों मर रहा है ।

क्यों मर रहा है ?  : - विभाजन के पश्चात से क्या कर रहे थे ये सत्ताधारी.....?

'ढोंगी महात्माओं का देश है ये.....'


>> कालाधन किसे कहेंगे.....? 

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