शनिवार, 31 जनवरी 2015

----- मिनिस्टर राजू १६० -----

राजू : -- मास्टर जी ! आपके दादाजी क्या करते थे ? 

 "पता नहीं '

राजू : - मास्टर जी ! मेरे दादाजी जी न शनि ग्रह पर भेड़ बकरियां चराते चराते वहां के राष्ट्रपति बन गए थे..,

 अच्छा ! नाम क्या है तुम्हारे दादाजी का  ?" 

राजू : - मास्टर जी !  पता नहीं,

रैली में तुझे बुलाया है अब की बार जब रेला होगा तब तुम्हारे दादाजी को बुलाएंगे ठीक, 

और हाँ माई-पिल्लै के साथ तभी आना जब निमंत्रण में सपरिवार लिखा हो..... उजड्ड कहीं के .....

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