मंगलवार, 18 नवंबर 2014

----- मिनिस्टर राजू १५० -----

राजू : - माँ खादी कि चादर दे, मैं गांधी बन जाउँ ।

राजू की माँ : --  पर पुत्तर बिड़ला बाला, भवन कहाँ ते लाउँ ॥
                         तू जो है वही रह.....

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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

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