राजू : -- मास्टर जी ! ये भ्रष्टाचार भी अब तो सर्वत्र व्याप्त हो गया है आगे भी, पीछे भी, नीचे भी और ऊपर भी..,
" वो कैसे ? "
राजू : -- मास्टर जी ! वो ऐसे कि हम सौ नेता ऊपर भेजते हैं पहुँचते दस पंद्रह ही है वो देखिए कोई खाट में पड़ा है, कोई घाट में पड़ा है, कोई बाट में खड़ा है.....
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