" यहाँ सम्बन्ध तोड़े व् जोड़े जाते हैं.., "
राजू : - मास्टर जी ! क्या खोल रहे हो..?
" दूकान "
राजू : - ओह ! मुझे लगा की कचहरी खोल रहे हो.....
" एक ही है.....भई जहां जो नहीं होगा वही तो खुलेगा.....वैसे भी झगड़े निपटाना जुलम तो है नहीं.....
राजू : - मास्टर जी ! क्या खोल रहे हो..?
" दूकान "
राजू : - ओह ! मुझे लगा की कचहरी खोल रहे हो.....
" एक ही है.....भई जहां जो नहीं होगा वही तो खुलेगा.....वैसे भी झगड़े निपटाना जुलम तो है नहीं.....
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