मंगलवार, 28 अक्टूबर 2014

----- मिनिस्टर राजू १४५ -----

राजू : -- मास्टर जी ! तनिक सिद्ध कर के बताइये कि यदि एक भ्रष्टाचार करें तो वह पांच गुना बन के फिरता है..,

" एक नेता जी थे.....वि समझते थे कि आदमी की खाल में तो वो ही है "

राजू : -- मास्टर जी ! फिर का हुवा..?

" फिर का होना था सामने वाला आदमी बम निकला"

और हमारे छेत्र माँ एक उद्योग पति थे.....अपना अम्पायर दख देख के लोगों पर हँसते थे.....एक दिन वो उड़न खटोले से कहीं जा रहे थे..,

 राजू : -- मास्टर जी ! फिर का हुवा..?

" फिर का होना था, धड़ाम से नीचे गिरे और सीधा गए.....कुछ दिन बाद पता चला उसका जो पायलट था वो पायलट नहीं था.....वो लोको पायलट था.....अब लोग उसका अंपायर देख देख के हँसते हैं..... 

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