शुक्रवार, 5 सितंबर 2014

----- मिनिस्टर राजू १३५ -----

राजू : -- मास्टर जी ! आप बाहिर काहे बैठ हैं..?

  " भीतर उ मुल्ला बाँग दे रहा न.....इसीलिए "

राजू : -- मास्टर जी ! हम बड़े दुविधा में हैं बोले तो बहुंत कन्फ्यूज हैं.....आज शिक्षक दिवस है कि शिक्षार्थी दिवस है..?

" राजू ! राजू !! राजू !!! अंगरेजों को पश्चात किसका राज आया.....? पीने-खाने वालों का न.....अब वो पुण्य तिथि को जयंती घोषित करें उनकी मर्जी....."

राजू : -- मास्टर जी ! खाने-पीने में एवं पीने-खाने में क्या अंतर है..?

" कोई पीने-खाने के लिए खाता-पीता है कोई खाने-पीने लिए खाता-पीता है.....है: दोनों ही खराब.....





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