राजू : -- मास्टर जी ! आप बाहिर काहे बैठ हैं..?
" भीतर उ मुल्ला बाँग दे रहा न.....इसीलिए "
राजू : -- मास्टर जी ! हम बड़े दुविधा में हैं बोले तो बहुंत कन्फ्यूज हैं.....आज शिक्षक दिवस है कि शिक्षार्थी दिवस है..?
" राजू ! राजू !! राजू !!! अंगरेजों को पश्चात किसका राज आया.....? पीने-खाने वालों का न.....अब वो पुण्य तिथि को जयंती घोषित करें उनकी मर्जी....."
राजू : -- मास्टर जी ! खाने-पीने में एवं पीने-खाने में क्या अंतर है..?
" कोई पीने-खाने के लिए खाता-पीता है कोई खाने-पीने लिए खाता-पीता है.....है: दोनों ही खराब.....
" भीतर उ मुल्ला बाँग दे रहा न.....इसीलिए "
राजू : -- मास्टर जी ! हम बड़े दुविधा में हैं बोले तो बहुंत कन्फ्यूज हैं.....आज शिक्षक दिवस है कि शिक्षार्थी दिवस है..?
" राजू ! राजू !! राजू !!! अंगरेजों को पश्चात किसका राज आया.....? पीने-खाने वालों का न.....अब वो पुण्य तिथि को जयंती घोषित करें उनकी मर्जी....."
राजू : -- मास्टर जी ! खाने-पीने में एवं पीने-खाने में क्या अंतर है..?
" कोई पीने-खाने के लिए खाता-पीता है कोई खाने-पीने लिए खाता-पीता है.....है: दोनों ही खराब.....
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें