रविवार, 17 अगस्त 2014

----- मिनिस्टर राजू १३१ -----

राजू : -- मास्टर जी ! मास्टर जी ! ये ड्रामा क्या होता है ?

  "अरे वही नाटक"

राजू : -- मास्टर जी ! कर-नाटक वाला नाटक ?

 "और कर-नाटक..... वाला नाटक....." 

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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...