गुरुवार, 29 मई 2014

----- मिनिस्टर राजू १३४ -----

" राजू ! क्या सुन रहे हो? "

राजू :-- मास्टर जी ! अज़ान,

" अज़ान..... और तू ? "

राजू : -- सुननी पड़ रही है मास्टर जी! मस्जिद में एक  नया नया मुल्ला जो आया है.…. 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...