मंगलवार, 27 मई 2014

----- मिनिस्टर राजू १३३ -----

राजू : -- मास्टर जी ! पहले तो ये लंबा सेतु बाँध के भगवान नै भगवती ल्याई फेर छोड़ दी.....क्यूँ तो ल्याई, ल्याई थी तो फेर क्यूँ छोड़ दी..?

 ' मेर ताईं के पूछे ह भगवान ताईं पूछ'

राजू : -- मास्टर जी ! इस खातिर तो मरणों पडोगो,

 'हाँ तो मर जा'

राजू : -- मास्टर जी ! के गारंटी ह  मरे पाच्छे भगवान मिलोगो

' इसीलिए यो धरम बणायो गयो ह 'पुण कमा भगवान नै पा' फेर धोरे बैठा के पूछ जो पूछना ह.....  

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