बुधवार, 21 मई 2014

----- मिनिस्टर राजू १३२ -----

'राजू ! क्या देख रहे हो ?'

राजू : -- मास्टर जी ! भ्रष्ट तंत्र के चौथे खम्बे का पाँचवाँ कोण.....

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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...