गुरुवार, 15 मई 2014

----- मिनिस्टर राजू १३० -----

"राजू ! क्या कर रहे हो ?"
राजू : - मास्टर जी ! परिवर्तन को बदल रहा हूँ..... 

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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...