"राजू ! क्या कर रहे हो ?"
राजू : - मास्टर जी ! परिवर्तन को बदल रहा हूँ.....
राजू : - मास्टर जी ! परिवर्तन को बदल रहा हूँ.....
सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१|| :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें