सोमवार, 14 अप्रैल 2014

----- मिनिस्टर राजू १२८ -----

"अरे राजू ! तुम ये कर क्या रहे हो ? "

राजू : -- मास्टर जी ! "एक्टिंग"

"एक्टिंग" और  तू ?

राजू : -- मास्टर जी ! अख्खा मुम्बई दो इच लोगों को जानता है एक उस ढक्कन को एक अप्पन को,

" तू उस ढक्कन को एक्टिंग सीखा दे फिर अख्खा मुंबई तेरेइच को जानेगा"

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...