राजू : -- : (
" राजू ये कैसा मुँह बना रखा है हुवा क्या ? "
राजू : -- मास्टर जी! उसने मुझे मारा
" ओय ! किसने ?
राजू : -- मास्टर जी ! उसी पत्रकारिता ने जो झांसी की रानी भी नहीं है, मर्दानी भी नहीं है, फिर भी मर्द बनी फिर रही है, अब जो मर्द न उसे क्या कहेंगे, जो कहेंगे वही कह दिया
"ओय अब तू माया और सत्ता को कुछ मन्या कह दियो, वो तेरे को फोड़ देंगी"
" राजू ये कैसा मुँह बना रखा है हुवा क्या ? "
राजू : -- मास्टर जी! उसने मुझे मारा
" ओय ! किसने ?
राजू : -- मास्टर जी ! उसी पत्रकारिता ने जो झांसी की रानी भी नहीं है, मर्दानी भी नहीं है, फिर भी मर्द बनी फिर रही है, अब जो मर्द न उसे क्या कहेंगे, जो कहेंगे वही कह दिया
"ओय अब तू माया और सत्ता को कुछ मन्या कह दियो, वो तेरे को फोड़ देंगी"
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