रविवार, 30 मार्च 2014

----- मिनिस्टर राजू १२६ -----

" राजू ! मैं अपने घर में इतना छोटा था कि मेरे  हिस्से में माँ आ गई"

राजू : -- मास्टर जी ! मन अपने घर मन इतना छोटा हूँ इतना छोटा हूँ कि मैं माँ के हिस्से में आ गया.….पिता जी ! दादी के हिस्से में आ गए ना इसी लिए : ( 

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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

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