राजू : -- मास्टर जी ! इ बिपक्छ के अजहूँ लग जो एकै परधान मंत्री बने, उहू खटिया भोग रहे हैं..,भगवान् उठा काहे नहीं लेता ?
" जिसकी आवश्यकता बिपक्छ को नहीं है, उसका भगवान भी क्या करेगा....."
" जिसकी आवश्यकता बिपक्छ को नहीं है, उसका भगवान भी क्या करेगा....."
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