शनिवार, 4 जनवरी 2014

----- ॥ दोहा-दशम ११४ ॥ -----

ऐस मेस कारि कै फिर सौ फैसन दिखलाए । 
मरजानी नै म्हारौ, छोरो लियो फँसाए ।११४१।  


आप बाँध के लायो कि लाइ बाँध के कार । 
शाह सवारी करबला, नेता शाह सवार ।११४३। 

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