गुरुवार, 30 जनवरी 2014

----- मिनिस्टर राजू १२२ -----

राजू : -- मास्टर जी ! राष्ट्र पति कैयां बण सी ?

" घोड़ी को सनेह पी के"

राजू : -- मास्टर जी! पण म्हारे बालक, कै तो मैय्या का रस कै गौरस पी के बड़े होसी,

 " पण जो घोड़ी को सनेह पी के जी गया, वोई राष्ट्र पति बण सी.....इतनो बड़ो अस्तबल, बीके इतने घोड़े घोड़ी, गोरसिया सै थोड़ी संभलोगो

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