राजू : -- मास्टर जी! जनार्दन की काम वाली बाई की तो वाट लगने वाली है, काहे की ये नई बाली दुल्हनिया तो झाड़ू धर के आ रही है..,
" मुगालते में मत रह, पहले भी बहुंत पीट चुका है वो "
" मुगालते में मत रह, पहले भी बहुंत पीट चुका है वो "
सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१|| :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...
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