गुरुवार, 19 दिसंबर 2013

----- मिनिस्टर राजू 119 -----

राजू : -- मास्टर जी! जनार्दन  की काम वाली बाई की तो वाट लगने वाली है, काहे की ये नई बाली दुल्हनिया तो झाड़ू धर के आ रही है..,

" मुगालते में मत रह, पहले भी बहुंत पीट चुका है वो  "

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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...