शनिवार, 28 सितंबर 2013

----- मिनिस्टर राजू 105 -----

राजू : -- मास्टर जी! मास्टर जी! सरकार को दिल का दौरा पड़ गया..,]

" हाँ तो " 

राजू :-- हाँ तो क्या मास्टर जी! सरकार को दिल का दौरा पड़ा है, और डाक्टर साहेब अस्पताल छोड़ के अमरीका में उड़ रहे हैं..,

" हाँ तो इ. सी. जी. करके दवादारू कर दी है ना" 

राजू : -- मास्टर जीईईईई ई इ छूता मोटा दौरा नहीं है आर्टरी ब्लाक हो गई है

" हाँ तो अन्जियो पिलास्टी कर के दोई ठो फुग्गा फोड़ दो ब्लाक रुंध जाएगा"

राजू : -- मास्टर जी ! देखो तीन ठो आर्टरी बिलाक है एक ६५%दूसरी ८०% तीसरी ९२% इ फुग्गा वुग्गा का केस नहीं है सीधे ओपन हार्ट सर्जरी का केस है..,

" हाँ तो अब तक तो इस सरकार को ही उड़ जाना चाहिए था, शुगर बी.पी का हाल है "

राजू : -- मास्टर जी! गनीमत है की चापलूसी की दवा के कारण मधुमेह सामान्य है, और कुर्सी का प्रेसर नहीं है..,

" राजू ! एक बात तो बता इस सरकार में बुद्धि वुद्धि तो है नहीं, ये भूखी है की इसका पेट भरा है ? 

राजू : -- मास्टर जी! उ तो डाक्टर साहेब आएँगे, तभी बताएंगे.....

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...