राजू : -- मास्टर जी !
" हूँ
राजू: -- मास्टर जी ! इत्ते उदास क्यूँ हो ?
"का करें राजू ! उ मुनव्वर राणा ने कहा है
किसी के हिस्से मकाँ आया किसी के हिस्से दुकाँ आई ..,
में घर सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई.....
"उदासी का कारण उ बछुआ है जिसके हिस्से में मकाँ औ दुकाँ
आई और माँ सियासत में आ गई, अब जनता अपनी माँ को
पाले, कि अपनी सासु माँ को पाले, कि उस बछुआ की माँ को
पाले
राजू : -- मास्टर जी ! इ बछुआ के कुनबे की स्त्रियों के सिर
औउर गाडी में बंगाल का जादू चढ़ के बोलता है काल भी पहुंचा
हुवा ओझा है.....ऐसा फूँक मरता है, ऐसा फूँक मारता है कि
पांच सात बरसों में सारा जादू
उतार देता है.....
" हूँ
राजू: -- मास्टर जी ! इत्ते उदास क्यूँ हो ?
"का करें राजू ! उ मुनव्वर राणा ने कहा है
किसी के हिस्से मकाँ आया किसी के हिस्से दुकाँ आई ..,
में घर सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई.....
"उदासी का कारण उ बछुआ है जिसके हिस्से में मकाँ औ दुकाँ
आई और माँ सियासत में आ गई, अब जनता अपनी माँ को
पाले, कि अपनी सासु माँ को पाले, कि उस बछुआ की माँ को
पाले
राजू : -- मास्टर जी ! इ बछुआ के कुनबे की स्त्रियों के सिर
औउर गाडी में बंगाल का जादू चढ़ के बोलता है काल भी पहुंचा
हुवा ओझा है.....ऐसा फूँक मरता है, ऐसा फूँक मारता है कि
पांच सात बरसों में सारा जादू
उतार देता है.....
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