राजू : -- ऐ! मास्टर जी !
'हूँ'
राजू :-- ऐ मास्टर जी !
'हूँ'
राजू : -- हाँ अब ठीक है.....मास्टर जी ! इ सरकार के रू-ए-पिया माने की खसम तो कभी इ मोरी मा पड़ामिलता है कभी उ मोरी मा पडा मिलता है
कोई केतने बार उठा उठा के घर पहुंचाएगा.....?
'हूँ'
राजू :-- ऐ मास्टर जी !
'हूँ'
राजू : -- हाँ अब ठीक है.....मास्टर जी ! इ सरकार के रू-ए-पिया माने की खसम तो कभी इ मोरी मा पड़ामिलता है कभी उ मोरी मा पडा मिलता है
कोई केतने बार उठा उठा के घर पहुंचाएगा.....?
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें