गुरुवार, 18 जुलाई 2013

----- मिनिस्टर राजू 98 -----

राजू : -- ऐ! मास्टर जी !
'हूँ'

राजू :-- ऐ मास्टर जी !
'हूँ'

राजू : -- हाँ अब ठीक है.....मास्टर जी ! इ सरकार के रू-ए-पिया माने की खसम तो कभी इ मोरी मा पड़ामिलता है कभी उ मोरी मा पडा मिलता है
कोई केतने बार उठा उठा के घर पहुंचाएगा.....? 

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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

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