राजू : -- ........ "तस्बीरें" ....... मास्टर जी ! हमारा तो गज़ल गाने का मन कर रहा है..,
" तू..... कौआ कहीं का.....तू गज़ल गाएगा तो सारी कोयलें भाग जाएंगी"
राजू : -- मास्टर जी ! कोयलें तो उड़ती हैं......ये भागने कब से लगी.....
"जब से ये 'नाटकबाज' 'नाटककार' बन गए"
राजू : -- मास्टर जी ! 'बाज' और 'कार' में पी पी क्यों आता है?
"वे जब मस्जिद में बांग देंगे न तब पूछना"
" तू..... कौआ कहीं का.....तू गज़ल गाएगा तो सारी कोयलें भाग जाएंगी"
राजू : -- मास्टर जी ! कोयलें तो उड़ती हैं......ये भागने कब से लगी.....
"जब से ये 'नाटकबाज' 'नाटककार' बन गए"
राजू : -- मास्टर जी ! 'बाज' और 'कार' में पी पी क्यों आता है?
"वे जब मस्जिद में बांग देंगे न तब पूछना"
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