बुधवार, 22 मई 2013

----- मिनिस्टर राजू ९ ३ -----

राजू : -- ........ "तस्बीरें" ....... मास्टर जी ! हमारा तो गज़ल गाने का मन कर रहा है..,

" तू..... कौआ कहीं का.....तू गज़ल गाएगा तो सारी कोयलें भाग जाएंगी"

राजू : -- मास्टर जी ! कोयलें तो उड़ती हैं......ये भागने कब से लगी.....

"जब से ये 'नाटकबाज' 'नाटककार' बन गए"

राजू : -- मास्टर जी ! 'बाज' और 'कार' में पी पी क्यों आता है?

"वे जब मस्जिद में बांग देंगे न तब पूछना"


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