तीन बरस गए भूल मैं, तीन जुआ में हार ।
तीन गई सोवति अब चली जरन सरकार ॥
अर्थात : - तीन वर्ष खेलने खाने में बिता दी, तीन वर्ष युवा के विलास में बिता दी
तीन वृद्ध वस्था प्राप्त कर सोती रही अब सरकार तन फूंकने चली ॥
एक दिन पश्चात.....
राजू : -- मास्टर जी ! मास्टर जी!
" क्या राजू ! क्या राजू !
राजू: -- मास्टर जी ! पक्ष तो कह रही है में एक साल बाद जरुंगी,
" फिर तो उसका चौथा होना तय है"
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