बुधवार, 13 मार्च 2013

----- मिनिस्टर राजू ८२ -----

राजू : -- मास्टर जी ! इ हमार महामात्य अपनी बरतनी काहे नाही सुधारते..??

             " काहे?? "

राजू : -- काहे की ! उ जब ग़ालिब को भी पढ़ते है,  तो गाली लगता है.....

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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

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