राजू : -- मास्टर जी ! उ तिहाड़ कारागृह बालो की कमाई किती है ??
" बहुत कोटि है, तुमको उनकी कमाई से का लेना ?? "
राजू : -- मास्टर जी ! हम तो कहते है की उ एक चलचित्र निरमान संस्थान की स्थापना काहे नहीं
कर लेते । पात्र ईकाई के आतिथ्य का सौभाग्य उन्हें प्राप्त होने ही वाला है, माने की पूरी
कास्टिंग यूनिट ही आन वाली है न । अब देखियो कैसे उस काल कोठारी के कोट कोट मा
कोटि-कोटि की कोठी बनती है ।
" किन्तु राजू ?? उ 'सायरी' को कहाँ से लायेंगे ??
राजू : -- अरे! मास्टर जी ! तनिक छापा मार के तो देखें.....एक आध ठो तीर धनुसवा तो उ भी राखे
होगें ।
" ईईईईइ ससुरा ......इ कौन सी रासलीला है "
नाम धनुधर धर कोउ औरे। धरे धनुर को औरन बौरे ॥
सिया परे को और उकसाए । तिर सर हिरन को और गिराए ॥
राजू : -- रास लीला नाहीं मास्टरजी ! राम.....लिल्ल्लाअह....."अलबेली रामलिल्ल्लाअह"
और इ रामलीला मा उनके चुनावी दलों के दलदल, चरित्र भूमिका में हैं
किचित उनका चरित्र देखिये : --
एक काम कलुषि असुरी साखा । काख छुरी मुख राम सलाका ॥
दुज दीन दले दानव राखा । नाम स्याम अरु कंस मधु काखा ॥
मास्टर जी ! हमारा तो मन करता है की हम राम रूपी आनंद के सागर में ही समा जाएँ
" बहुत कोटि है, तुमको उनकी कमाई से का लेना ?? "
राजू : -- मास्टर जी ! हम तो कहते है की उ एक चलचित्र निरमान संस्थान की स्थापना काहे नहीं
कर लेते । पात्र ईकाई के आतिथ्य का सौभाग्य उन्हें प्राप्त होने ही वाला है, माने की पूरी
कास्टिंग यूनिट ही आन वाली है न । अब देखियो कैसे उस काल कोठारी के कोट कोट मा
कोटि-कोटि की कोठी बनती है ।
" किन्तु राजू ?? उ 'सायरी' को कहाँ से लायेंगे ??
राजू : -- अरे! मास्टर जी ! तनिक छापा मार के तो देखें.....एक आध ठो तीर धनुसवा तो उ भी राखे
होगें ।
" ईईईईइ ससुरा ......इ कौन सी रासलीला है "
नाम धनुधर धर कोउ औरे। धरे धनुर को औरन बौरे ॥
सिया परे को और उकसाए । तिर सर हिरन को और गिराए ॥
राजू : -- रास लीला नाहीं मास्टरजी ! राम.....लिल्ल्लाअह....."अलबेली रामलिल्ल्लाअह"
और इ रामलीला मा उनके चुनावी दलों के दलदल, चरित्र भूमिका में हैं
किचित उनका चरित्र देखिये : --
एक काम कलुषि असुरी साखा । काख छुरी मुख राम सलाका ॥
दुज दीन दले दानव राखा । नाम स्याम अरु कंस मधु काखा ॥
मास्टर जी ! हमारा तो मन करता है की हम राम रूपी आनंद के सागर में ही समा जाएँ