रविवार, 9 दिसंबर 2012
----- मिनिस्टर जी -----
विद्यमान समस्त चुनावी दल एवं उनके धरता, संचालन करता, स्वामी
मत के दान हेतु सुपात्र हैं?? ------- नहीं हैं..,
( सुपात्र = धर्माधिकारी,सदाचारी, मर्यादित, पुरुषोत्तम, सत्यवादी, नीतिकुशल,
सद्चरित्र, सरलहृदय, विनम्र आदि आदि.....)
इन्हीं के विचारों का अनुसरण करने तथा इनके ही आदेशों का पालन करने वाले
इनके प्रत्याशी सुपात्र होंगे?? ------ नहीं होंगे..,
क्या कभी कोई निर्दलीय प्रत्याशी सुपात्र हुवा----- नहीं, वो भी इन्हीं के जैसा हो गया..,
विगत उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव में यदि मतदाता सोचते समझते तो इन दलों
एवं इनके प्रत्याशियों के कभी भी अपना बहुमूल्य मत नहीं देते..,
क्या गुजरात के मतदाता सोचेंगे..?? समझेंगे..?? और अपना अमूल्य मत इन
भ्रष्टाचारियों को नहीं देंगे.....??
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