शनिवार, 8 दिसंबर 2012

----- मिनिस्टर राजू ६४ -----


" राजू ! क्या देख रहे हो ?? "

राजू : -- मास्टर जी ! 'झंडा'

 " झंडे में क्या देख रहे हो..??"

राजू : -- मास्टर जी ! 'चरखा'

" चरखे में क्या देख रहे हो..??"

राजू : -- मास्टर जी ! 'माल'

" माल में क्या देख रहे हो..??"

राजू : -- मास्टर जी ! 'जगत भोजाई'

" मुझको भी दिखाओ ना..??"

राजू : -- मास्टर जी । काली माया हो तभी माल एवं माल
             कि भोजाई दिखती है आपको नहीं दिखेगी वो आपके
             पास है नहीं

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