ने लोकतंत्र को इतना विकृत कर दिया कि वर्त्तमान समय
में ' नेता-मंत्री' भ्रष्टाचारियों के नाम क छुपाती है एवं
सद आचारियों के नाम लेते लजाती है.....
सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१|| :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...
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