"ए राजू !"
राजू : -- का मास्टर जी !
" इ हमार देस का मंत्री मंडल है.....की बिटिया के बाबुल की बस्ती है
देस के जित्ते भी दरोगा हैं सब इन्हीं की सुरक्षा में तो लगे हैं
तिसपर भी इ मंत्रिगन अउर राष्ट्रपति की बिटियाएँ कहती हैं
हमका तो इस देस मा भय लगता है जी ! जब बाबुल के अंगना
के अँजोर से इत्ता ही भय लगता है तो बिदा काहे नहीं कर देते..,
राजू : -- अउर मास्टर जी ! उ देखो इ बस्ती के चौकीदार.....'बेटवा के मैया'
उ भी कुंवारा बेटवा के मैया......उ कहते हैं हमका तो भय ही नहीं
लगता जी ! अब सारी सेना सीमा को छोड़ इन की सुरक्षा करे तो
भय काहे को लगेगा.....एक बारी इनको 'बाँध'कर देखिये
फिर तो हम भी देखंगे की बछुवा भयभीत होते हैं के नाही.....
राजू : -- का मास्टर जी !
" इ हमार देस का मंत्री मंडल है.....की बिटिया के बाबुल की बस्ती है
देस के जित्ते भी दरोगा हैं सब इन्हीं की सुरक्षा में तो लगे हैं
तिसपर भी इ मंत्रिगन अउर राष्ट्रपति की बिटियाएँ कहती हैं
हमका तो इस देस मा भय लगता है जी ! जब बाबुल के अंगना
के अँजोर से इत्ता ही भय लगता है तो बिदा काहे नहीं कर देते..,
राजू : -- अउर मास्टर जी ! उ देखो इ बस्ती के चौकीदार.....'बेटवा के मैया'
उ भी कुंवारा बेटवा के मैया......उ कहते हैं हमका तो भय ही नहीं
लगता जी ! अब सारी सेना सीमा को छोड़ इन की सुरक्षा करे तो
भय काहे को लगेगा.....एक बारी इनको 'बाँध'कर देखिये
फिर तो हम भी देखंगे की बछुवा भयभीत होते हैं के नाही.....
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