सोमवार, 24 दिसंबर 2012

----- मिनिस्टर राजू 71 -----

             "ए राजू !"

राजू : --   का मास्टर जी !

           " इ हमार देस का मंत्री मंडल है.....की बिटिया के बाबुल की बस्ती है
             देस के जित्ते भी दरोगा हैं सब इन्हीं की सुरक्षा में तो लगे हैं
             तिसपर भी इ मंत्रिगन अउर राष्ट्रपति की बिटियाएँ कहती हैं
             हमका तो इस देस मा भय लगता है जी ! जब बाबुल के अंगना
             के अँजोर से इत्ता ही भय लगता है तो बिदा काहे नहीं कर देते..,

राजू : -- अउर मास्टर जी ! उ देखो इ बस्ती के चौकीदार.....'बेटवा के मैया' 
            उ भी कुंवारा बेटवा के मैया......उ कहते हैं हमका तो भय ही नहीं
            लगता जी ! अब सारी सेना सीमा को छोड़ इन की सुरक्षा करे तो
            भय काहे को लगेगा.....एक बारी इनको 'बाँध'कर देखिये
            फिर तो हम भी देखंगे की बछुवा भयभीत होते हैं के नाही.....    

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