"राजू ! का कर रहे हो..,"
राजू :-- मास्टर जी ! रामलीला के मंचन का 'जुगाड़'
" काहे कर रहे हो..,"
राजू :-- मास्टर जी ! काहे की उ बिना लाख पचास हजार लोगन की भीड़
देखे न तो कछु बोल बतियाते हैं ना ही कछु बताते हैं.....
राजू :-- मास्टर जी ! रामलीला के मंचन का 'जुगाड़'
" काहे कर रहे हो..,"
राजू :-- मास्टर जी ! काहे की उ बिना लाख पचास हजार लोगन की भीड़
देखे न तो कछु बोल बतियाते हैं ना ही कछु बताते हैं.....
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