बुधवार, 12 दिसंबर 2012

----- मिनिस्टर राजू 66 -----

" राजू ! तनिक इ बताओ तोहार गुरुजी कौन हैं..,"

राजू :-- मास्टर जी ! 'आप'

" अच्छा ! अच्छा है ! अच्छा है !! बड़ी.....शीघ्रता पूर्वक उत्तर दिया.....
   तनिक ए भी बताओ तोहार 'माम' का गुरजी कौन है..??

राजू : --  कल 'माम' से पूछने ही वाला था कि हमार 'दादी आ गईं'
              और 'बोल पड़ी' कहने लगी रे बछुआ ! तोहार 'अब्बू' कहा जा के ठेका
              खाएं भए तनिक अच्छी जगह ठेका खाते तो दुइ चार परमानु बम
              नहीं लाते दहेज मा , मास्टर जी ! हम भी कह दिए रहे उसमें से
              एक तिहार मूढ़ मा फोड़ देबेंगे, अब इ 'दादी' जावेंगी तो हम पूछ
               के बतावेंगे की हमार 'माम' के गुरजी कौन भए,

" लगे हाथ इ भी पूछ लियो के उन्हें हमार देस के डाक्टर में बॉस काहे
   आत है 'उकील' अउ ओके बछुआ माँ तो बहुंत सुगंध आत है..... 

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