राजू : -- मास्टर जी ! कल आपण इर 'भारत सरकार' पर टिका टिपण्णी की
आपको भय नहीं लगा..??
" राजू ! भय तो बहुंत लगा में रात भर सो ही नहीं पाया
आहट सी भी कोई होती तो ऐसा लगता था की दरोगा ही हैं,
कोई परछाई भी लहराती तो ऐसा लगता की थानेदार ही हैं
कोई द्वार खटखटाता तो ऐसा लगता स्वयं सरकार ही हैं
राजू ! रात का सन्नाटा मैं 'वो' 'वो' और मैं और उसके छोटे-
छोटे, छोटे-छोटे, छोटे-छोटे......
राजू : -- मास्टर जी ! छोटे- छोटे क्या..??
"कार्यक्रम"
राजू : -- ओह! तो ऐसा बोलो न की दूरदर्शन था.....
मास्टर जी ! जब दूरदर्शन ही था तो सन्नाटा किधर से हुवा..??
" मुर्ख मैने उसे निस्वर अर्थात म्यूट कर रखा था..'
राजू : -- मैं भी परसों 'मल ग्रहण मिशन' के दर्शन पश्चात आज सुबह रामायण
व महाभारत के जैसे 'जल ग्रहण मिशन' की बाट जोह रहा था
वैसे भी आपमें और जल वाले गुरु जी में अंतर ही कितना है लटक
आप जाइए, सबेरे पहले दूरदर्शन पर सरकार घंटियाँ गुरु जी की
बजवा देगी..,
" राजू ! तू इतनी बुद्धि आम औरत की पार्टी बनाने में लगाता तो कब का प्रधान
मंत्री बन गया होता..,
राजू : -- मास्टर जी ! आप उसके नियंत्रण यन्त्र अर्थात रिमोट कंट्रोल.....
आपको भय नहीं लगा..??
" राजू ! भय तो बहुंत लगा में रात भर सो ही नहीं पाया
आहट सी भी कोई होती तो ऐसा लगता था की दरोगा ही हैं,
कोई परछाई भी लहराती तो ऐसा लगता की थानेदार ही हैं
कोई द्वार खटखटाता तो ऐसा लगता स्वयं सरकार ही हैं
राजू ! रात का सन्नाटा मैं 'वो' 'वो' और मैं और उसके छोटे-
छोटे, छोटे-छोटे, छोटे-छोटे......
राजू : -- मास्टर जी ! छोटे- छोटे क्या..??
"कार्यक्रम"
राजू : -- ओह! तो ऐसा बोलो न की दूरदर्शन था.....
मास्टर जी ! जब दूरदर्शन ही था तो सन्नाटा किधर से हुवा..??
" मुर्ख मैने उसे निस्वर अर्थात म्यूट कर रखा था..'
राजू : -- मैं भी परसों 'मल ग्रहण मिशन' के दर्शन पश्चात आज सुबह रामायण
व महाभारत के जैसे 'जल ग्रहण मिशन' की बाट जोह रहा था
वैसे भी आपमें और जल वाले गुरु जी में अंतर ही कितना है लटक
आप जाइए, सबेरे पहले दूरदर्शन पर सरकार घंटियाँ गुरु जी की
बजवा देगी..,
" राजू ! तू इतनी बुद्धि आम औरत की पार्टी बनाने में लगाता तो कब का प्रधान
मंत्री बन गया होता..,
राजू : -- मास्टर जी ! आप उसके नियंत्रण यन्त्र अर्थात रिमोट कंट्रोल.....
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