मंगलवार, 23 अक्टूबर 2012

----- मिनिस्टर जी ! -----

" हमारे पुर्व वित्तमंत्री जी माता के चरण पकढ़े बेढे हैं
  उनके भवन में माता का दिया सब कुछ है, माता
  इस बारी उन्हें थोड़ी सी बुद्धि दे दे....." 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...