गुरुवार, 18 अक्टूबर 2012

----- मिनिस्टर राजू 51 -----

" राजू ! तुम्हे कल लघु कथा लिख कर लाने को कहा था क्यों नहीं लाये..??


राजू : -- मास्टर जी ! में चोटिल हूँ इस लिए..,


"क्यों !! क्या हुवा !!!"


राजू : -- मास्टर जी ! मेरा गाल देखिये कितना सुजा हुवा है..,


" कैसे सुजा..,"


राजू : -- कल किसी बात पर मेरे दोस्तों ने मेरे गाल पर एक थप्पड़ मार दिया,
            तत्पश्चात मेने दूसरा गाल भी आगे कर दिया, फिर तो दस-बीस और
            दे मारे ! कहने लगे बड़ा गांधी बना फिरता है ये बता तेरा वाला नेहरू
            एवं उसके सांप-सपोले कहाँ है, मास्टर जी ! मेरी ये दुर्दशा 'पाकी' के
            कारण हुई है खुद तो चले गए 'नेहरू कट शेरवानी के फैशन' को यहीं
            छोड़ गए.....भुगत मैं रहा हूँ..... 


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