बुधवार, 3 अक्टूबर 2012

----- मिनिस्टर राजू 45 -----

राजू : -- मास्टर जी ! कल मैने देखा एक सरदार महामात्य को देख कर
            शर्मा रहा था..!!


          " अच्छा !! महामात्य को देख सरदार शर्माते भी हैं..??"


 राजू : -- मास्टर जी !! वो सरदार था सरदारनी नहीं था..!!


         " अच्छा ! अच्छा !! तत पश्चात तुमके क्या कहा..??"


राजू : -- मास्टर जी मैने न  उसकी थोड़ी सी शर्म वर्म पोछी एवं
            आपका वाला सुविचार बोल दिया..!!


         " अच्छा ! कौन सा वाला बोला ..??"

राजू : -- मास्टर जी !! वोही वाला "सरदार महामात्य हो सकते हैं
                                    महामात्य सरदार थोड़ी न होता है....."


        

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