गुरुवार, 20 सितंबर 2012

----- मिनिस्टर राजू 40 -----

" राजू ! तूम सीता की रसोई में क्या कर रहे थे..??"


राजू : -- मास्टर जी ! श्री राम एवं उनके मंदिर को ढुंढ रहा था.....



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----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...