मंगलवार, 4 सितंबर 2012

----- ।। मिनिस्टर राजू 33 ।। -----

राजू : -- मास्टर जी ! ये गव यहीं सिंगरती रहेगी या घास चरने भी जायेगी।।??


             " क्यों तेरे पेट में दर्द क्यूँ हो रहा है ..??"


राजू : -- अब इतने भूषण के पश्चात यह भूसा खाने से तो रही,
             मास्टर जी ! हो गयी आपकी गुड गुड मोर्निंग.....

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

----- ॥ दोहा-दशम 363॥ -----,

सभा सदस बैठे रचे आपहि नेम विधान  तोड़ करे पुनि आपही न्याय का अवमान ॥१||  :-- देश के सांसद स्वयं नियम विधानों की रचना करते हैं तत्पश्चात स्वय...