राजू : -- मास्टर जी ! मास्टर जी !! मेरे दोस्त मुझे न धर्म निरपेक्ष
कह कर पुकारते है..,
किन्तु तेरा नाम तो मोहन है..?( राजू घर का नाम है )
राजू : -- मास्टर जी ! उसके ऊपर सिंग भी तो है,
तथा में कोई करम नहीं करता इस लिए मेरे नाम के निचे
दोस्तों ने सब मिटा कर मेक भी लगा दिया अर्थात
मेक मोहन सिंग..,
अर्थात माइक मोहन सिंग क्योंकि तू कुछ सुनता ही नहीं,
बोलता है वो सुनाई नहीं देता, दिखता तुझे है नही श्रवण
यन्त्र की सर्वाधिक आवश्यकता तुझे है,
अरे हाँ ! तेरे आगे पीछे राहू केतु भी लगे हैं एवं तू कर्क-
मकर रेखा के सह सदैव पंचसितारों में विराजमान रहता
है, तू धर्म-निरपेक्ष कहाँ हुवा तू तो देह-निरपेक्ष हुवा.....
कह कर पुकारते है..,
किन्तु तेरा नाम तो मोहन है..?( राजू घर का नाम है )
राजू : -- मास्टर जी ! उसके ऊपर सिंग भी तो है,
तथा में कोई करम नहीं करता इस लिए मेरे नाम के निचे
दोस्तों ने सब मिटा कर मेक भी लगा दिया अर्थात
मेक मोहन सिंग..,
अर्थात माइक मोहन सिंग क्योंकि तू कुछ सुनता ही नहीं,
बोलता है वो सुनाई नहीं देता, दिखता तुझे है नही श्रवण
यन्त्र की सर्वाधिक आवश्यकता तुझे है,
अरे हाँ ! तेरे आगे पीछे राहू केतु भी लगे हैं एवं तू कर्क-
मकर रेखा के सह सदैव पंचसितारों में विराजमान रहता
है, तू धर्म-निरपेक्ष कहाँ हुवा तू तो देह-निरपेक्ष हुवा.....
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें