राजू : -- मास्टर जी ! आपने अपनी गाय को एक महीने में सोते से जगाया,
अब पुरे एक महीने उसे स्नान करवाएंगे तनिक ये तो बताइये ये
गाय दूध कब देगी..
'' राजू! राजू!!गाय सर्वप्रथम गाभिन होती है तत्पश्चात बछ्छे-बछिया
देती है उसके पश्चात दूध देती है..
राजू : -- मास्टर जी ! आपकी योजना का योजन भी पंचवर्षीय कार्यक्रम के
सदृश्य प्रतीत होता है अर्थात कब नौ मन तेल होगा और कब राधा नाचेगी..
' अर्थात गाँव तो बसा नहीं माँगने वाले पहले ही आ गए,
अभी जाओ बाद में आना
एवं गाय जब तक दूध नहीं देती तब तक तुम गुना भाग करके आकलन
करते रहो ये दूध कब देगी कितना देगी सूत्र है ------जितना चारा = उतना दूध.....
अब पुरे एक महीने उसे स्नान करवाएंगे तनिक ये तो बताइये ये
गाय दूध कब देगी..
'' राजू! राजू!!गाय सर्वप्रथम गाभिन होती है तत्पश्चात बछ्छे-बछिया
देती है उसके पश्चात दूध देती है..
राजू : -- मास्टर जी ! आपकी योजना का योजन भी पंचवर्षीय कार्यक्रम के
सदृश्य प्रतीत होता है अर्थात कब नौ मन तेल होगा और कब राधा नाचेगी..
' अर्थात गाँव तो बसा नहीं माँगने वाले पहले ही आ गए,
अभी जाओ बाद में आना
एवं गाय जब तक दूध नहीं देती तब तक तुम गुना भाग करके आकलन
करते रहो ये दूध कब देगी कितना देगी सूत्र है ------जितना चारा = उतना दूध.....
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