शनिवार, 18 अगस्त 2012

----- MINISTER RAAJU 22 -----

राजू : -- मास्टर जी ! अखिलभारत में झंडा फहर गया ये गव सम्पूर्ण विश्व में फहराएगी क्या..?



          राजू ! तुझे क्यों कष्ट हो रहा है कितना सुन्दर तो गा रही है
                   बिलकुल कोयल के जैसे


राजू: -- मास्टर जी ! कोयला खाके कोयल जैसे ही गाएगी न


          राजू ! तेरे मुखढ़े पर ये मुख किसने लगाया...लगाया तो लगाया
                   इस पर किसको बैढाया.. तेरी ये वाणी है या वीणा.....


राजू : -- मास्टर जी ! आप तो वेणुर्धर गोपाल हो..,

         
          तू स्वयं को अंग्रेज समझता है किन्तु तू है नहीं ये बता तू क्या है.....


राजू : -- मास्टर जी ! में बहिर्गमन करता हूँ और भास बनता हूँ.....


    

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