बुधवार, 15 अगस्त 2012

----- MINISTER RAAJU 20 -----

राजू : -- मास्टर जी !  ये गव तो तबला ले के बैढ गई लो अब ग़जल सुनाएगी
             स्थापित ही कर दिया क्या..,


            तू मत सुन किन्तु प्रभु इसकी सुनता है..,


राजू : -- कैसे मास्टर जी ..?


            इक बारी इसने प्रभु से कहा प्रभु.... यज्ञ करवाना है  समस्या यह है कि
            गठजोड़  तो है किन्तु जोड़  नहीं है.., प्रभु बोले भक्त जोड़ तो मेरे पास भी
            नहीं है किन्तु इस जोड़ का तोड़ है.., तोड़ है .. जै बाबा नारद
                                            एक दिवस पुन: निवेदन किया प्रभु:.... भागवत
           करवानी है गठजोड़ तो है किन्तु जोड़ नहीं है भंडारा कैसे करूँ.....
           प्रभु ने पुन: सुमिरन किया..... जै बाबा नारद..... लो भागवत हो गई..,


राजू : -- मास्टर जी ! अपनी गवर्नमेंट की भी यही अवस्था है
             गठजोड़ तो है किन्तु जोड़ नहीं है और मास्टर जी !
             इनका तो प्रभु भी नहीं है.....
                                       
           

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