रविवार, 12 अगस्त 2012

----- MINISTER RAAJU 18 -----

राजू : -- मास्टर जी ! यदि रामायण भागवत पूर्ण हो गई हो तो अपनी गाय
             को शान्ति निकेतन प्रस्थान करवाएंगे अथवा यहीं घाट पर ही घंटियाँ बजवायेंगे

            'सर्वप्रथम यह स्पष्ट कर कि तू घाट पर किस प्रयोजन उपस्थित है,
             भागवत श्रवण कर रहा है या रासलीलाओं के दर्शन कर रहा है..,


राजू : -- मास्टर जी ! दिखाई मुझे देता नहीं, सुनता मैं हूँ नहीं,
             जो कहता हूँ वो सुनाई नहीं देता..,

           
             कुछ दिखाई दे न दे तुझे  रासलीलाएं अवश्य दृष्टिगत होती है..,

         
राजू : -- मास्टर जी ! प्रतीत होता है आप गाय को झंडा फहरा कर ही प्रस्थान करवाएंगे.....    

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